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Monday, 13 August 2018

राजेश जैन राही जी के दोहा संग्रह के विमोचन

दिनाँक 12 अगस्त को रायपुर के वृंदावन हॉल में श्री *राजेश जैन "राही"* जी के दोहा संग्रह *घेरे में हैं चाँदनी* के विमोचन समारोह एवं काव्य दरबार में हिस्सा लेने का अवसर मिला। कार्यक्रम में दोहाकार एवं ग़ज़लकार *श्री राम बाबू रस्तोगी* वरिष्ठ कवि *श्री विजय राठौर* एवं *श्री माणिक विश्वकर्मा* जैसे चिर परिचित रचनाकारों के साथ मंच पर बैठकर सम्मान पाना एवं काव्य पाठ एक सुखद अनुभव रहा। 

सुंदर दोहा संग्रह के लिए राजेश राही जी का हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई।







Wednesday, 1 August 2018

अंतरराष्ट्रीय पत्रिका "हाइफन" में हाइकु

अंतराष्ट्रीय द्विभाषी पत्रिका "हाइफ़न" के हिंदी हाइकु विशेषांक में मेरे हाइकु को स्थान मिला...



Tuesday, 24 July 2018

हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित पत्रिका *अंतरंग* के जून 2018 के अंक में प्रकाशित हुई दो कविताएँ... सम्पादक श्री प्रदीप बिहारी जी का धन्यवाद








Wednesday, 20 June 2018

समीक्षा प्रकाशित

बीकानेर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र "युगपक्ष" में मेरे द्वारा लिखित वरिष्ठ गीतकार आदरणीय कृष्ण बक्षी जी के ग़ज़ल संग्रह "सवालों की दुनिया" की समीक्षा


Saturday, 26 May 2018

कविकुम्भ में गीत

"कविकुम्भ" पत्रिका के अप्रैल अंक में प्रकाशित हुआ गीत... सम्पादक "रंजीता सिंह" जी का हार्दिक आभार



Friday, 27 April 2018

अनन्तिम के अप्रैल-जून अंक में कविता

त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका 'अनन्तिम' के अप्रैल - जून अंक में कविता प्रकाशित...



Wednesday, 11 April 2018

हाइकु समीक्षा - श्री रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' जी द्वारा

मेरा एक हाइकु...

"यह जीवन
 किस तरह बाँचुूँ
 कोरा कागज।

यह हाइकु लगभग 3 वर्ष पहले लिखा था... इस हाइकु की विस्तृत व्याख्या आदरणीय श्री रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' जी ने वेब पत्रिका "हिंदी हाइकु" पर लिखी थी। इस व्याख्या को जब भी पढ़ते हैं तो आश्चर्य होता है कि एक हाइकु (केवल 17 वर्ण में कहे गए) इतनी विस्तृत व्याख्या सम्भव है... आदरणीय रामेश्वर जी के लिए आभार और श्रद्धा उमड़ आती है... साथ ही अपने हाइकु पर गर्व होता है।

आदरणीय रामेश्वर जी को सादर आभार           

 मंजूषा मन


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